छत्तीसगढ़ में मौसम / बारिश और ओले गिरने की वजह से राज्य में हुए नुकसान का होगा सर्वे, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

  • पिछले तीन दिनों से प्रदेश के रायगढ़, जशपुर और कोरिया जैसे इलाकों में हो चुकी है ओलावृष्टि 
  • ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दुर्ग शहर सबसे गर्म, पेंड्रा रोड इलाके का तापमान सबसे कम

रायपुर. छत्तीसगढ़ के जिलों में बारिश की वजह से हुए नुकसान का जायजा लिया जाएगा। पीड़ितों को मुआवजा भी दिया जाएगा। इसे लेकर रविवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि प्रदेश के रायगढ़, जशपुर, सूरजपुर जिले सहित सरगुजा, बिलासपुर संभाग के अन्य जिलों में आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि के संबंध में जिलों के जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टरों से चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली है। आंधी-तूफान, ओलावृष्टि की वजह से जान-माल सहित फसलों के नुकसान का सर्वे एवं आंकलन कर पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर में भी बारिशशहर के शंकर नगर के शॉपिंंग कॉम्पलेक्स के पास का नजारा

शहर के शंकर नगर के शॉपिंंग कॉम्पलेक्स के पास का नजारा

राजधानी में रविवार की दोपहर मौसम का मिजाज बदला। सड़कों पर पहले हल्की बूंदें गिरती नजर आईं। करीब 10 मिनट बाद तेज बारिश हुई। 30 मिनट तक बारिश होती रही फिर धीरे-धीरे बादल छंटने लगे और हल्की धूप खिल आई। बारिश तेज आंधी के साथ हो रही थी। शहर की सड़कों पर पेड़ों की टूटी डालियां और फटे हुए होर्डिंग्स पड़े नजर आए। रायपुरा इलाके में काफी देर तक बिजली गुल होने से आम लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।

बिलासपुर में बदला मौसम

बिलासपुर शहर में करीब 20 मिनट तक तेज बौछारें गिरती रहीं।
बिलासपुर शहर में करीब 20 मिनट तक तेज बौछारें गिरती रहीं।

बिलासपुर में रविवार की शाम मौसम ने मिजाज बदल लिया। तेज बारिश की वजह से सारा शहर सराबोर हो गया। लोगों में अब इस बात की चिंता है कि कहीं मौसम में आई तब्दीली की वजह से वह बीमार ना पड़ें। पहले कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच सभी की जिंदगी बीत रही है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड का रहा।

बिजली गिरने बंदरों की मौत, मौसम विभाग ने दी चेतावनीबंदरों को लेकर ग्रामीणों में एक आस्था का भाव था।

बंदरों को लेकर ग्रामीणों में एक आस्था का भाव था।

जांजगीर-चांपा जिले के डभरा ब्लाक के ग्राम कटेकोनी बड़े में बीते शुक्रवार की शाम गाज की चपेट में आने से 11 बंदरों की मौत हो गई। गाज जब गिरी तब बंदर पेड़ पर बैठे थे। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणों की उपस्थिति में तालाब किनारे बंदरों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान दो मिनट मौन रखकर ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। मौसम विभाग की मानें तो कुछ हिस्सों में आने वाले दो दिनों में बारिश होने और कुछ जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है।