लॉकडाउन में फेरे / ढोल-ढमाके-गीत-संगीत के बिना सादगी से सात फेरे ले परिणय सूत्र में बंधे, उपहार में दिए सैनिटाइजर

बराती-घराती सिर्फ 5 बाकी कुनबा वीडियो कॉलिंग पर विवाह का साक्षी बना

चित्तौड़गढ़. (राजनारायण शर्मा)। चित्तौड़गढ़। लॉकडाउन के बीच शहर के एक युवक ने उदयपुर में सादगीपूर्वक ढंग से सात फेरे लिए और दुल्हन ले आया। प्रशसासनिक अनुमति से विवाह में सिर्फ पांच लोग शामिल हुए। निकटतम परिजन भी वीडियो कालिंग से शादी के गवाह बने। दूल्हे ने उदयपुर से आते समय बतौर उपहार पुलिसकर्मियों को सैनिटाइजर बांटे। प्रतापनगर मीठारामजी का खेडा निवासी तरूण मीना ने उदयपुर की मीनू मीणा से अनूठे ढंग से शादी की जिसमें न ढोल ढमाके थे, न गीत-संगीत।

रविवार देर शाम उदयपुर से दुल्हन को लेकर साथ लौटे तरूण ने बताया कि आखातीज का मुहूर्त खास है और पैरेंट्स बुजुर्ग हैं। इसलिए हमने पहले से तयशुदा शादी को नहीं टाला। सभी रस्में सोशल डिस्टेसिंग से हुई। एडीएम प्रशासन की अनुमति लेकर वह सिर्फ दो लोगों के साथ उदयपुर गया। वहां भी मात्र पांच लोगों की उपस्थिति में फेरे लिए। वापस यहां घर में प्रवेश लेते समय भी ऐसा ही किया।

परिणय सूत्र में बंधने के बाद मीनू और तरूण।


रास्ते में हुई स्क्रीनिंग, पुलिस व मेडिकल कर्मियों को दिए सेनेटाइजर

तरूण ने बताया कि उदयपुर से आते-जाते समय हमारी कुछ जगह स्क्रीनिंग की गई। चेक पोस्ट पर पूरी जानकारी नोट की गई। हमने वहां मौजूद कर्मियों को शादी के उपहार के रूप में सैनिटाइजर भी दिए।

सभी परिजन वीडियोकॉलिंग पर रहे

तरूण का बड़ा परिवार है, लेकिन बाराती व घराती अपने अपने घरों में वीडियोकॉलिंग से विवाह के साक्षी बने। वे दूर होकर भी साथ थे। तरूण ने कहा, वर्तमान हालात में यह संदेश है कि हम बिना भारी भरकम खर्चे के भी ऐसे आयोजन कर सकते हैं। हमें अपनी शादी जीवनभर याद रहेगी।