सरकार के आदेश के बाद Account में आएंगे पैसे, Bank ग्राहकों को मिलेगा फायदा, जानें कैसे

 

- अगर आप भी UPI, RuPay BHIM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से ट्रांजेक्शन (डिजिटल लेन-देन) करते हैं तो यह आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है।

 -इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (आयकर विभाग) ने UPI, RuPay BHIM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रांसजेक्शन करने पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को खत्म कर दिया है।

 -यही नहीं, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (CBDT) ने कहा है कि एक जनवरी 2020 के बाद वसूले गए शुल्क या चार्ज को बैंक ग्राहकों को वापस लौटाएं।

नई दिल्ली। 
अगर आप भी UPI, RuPay BHIM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से ट्रांजेक्शन ( Digital Transaction ) करते हैं तो यह आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ( Income Tax Department ) ने UPI, RuPay BHIM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रांजेक्शन करने पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को खत्म कर दिया है। यही नहीं, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ( CBDT ) ने कहा है कि एक जनवरी 2020 के बाद वसूले गए फीस या चार्ज को बैंक ग्राहकों को वापस लौटाएं।
इस आदेश के बाद अब बैंक जल्द ही इन ट्रांजेक्शन पर काटे गए शुल्क को वापस करेगा। CBDT ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन-269एसयू के तहत बैंकों को कहा है कि भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए किए जाने वाले किसी भी ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लिए जाएंगे।
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ग्राहकों के खाते में आएंगे पैसे
सीबीडीटी ने रविवार को जारी एक सर्कुलर में कहा कि अगर बैंकों ने 1 जनवरी 2020 को या उसके बाद तय इलेक्ट्रॉनिक मोड के जरिए किए गए ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज वसूला है तो वे इसे तत्काल वापस करें और भविष्य में इस प्रकार के लेन-देन पर कोई चार्ज नहीं लें। आपको बता दें कि दिसंबर 2019 में स्पष्ट किया गया था कि एक जनवरी 2020 से मर्चेंट डिस्काउंट रेट ( MDR ) सहित किसी भी तरह का चार्ज तय इलेक्ट्रॉनिक मोड से किए गए ट्रांजेक्शन पर लागू नहीं होगा। अगर बैंक ग्राहकों से डिजिटल लेनदेन में कोई भी चार्ज लेते हैं उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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बैंक पर कार्रवाई
सीबीडीटी ने कहा कि इन कानूनों के उल्लंघन पर आईटी एक्ट से सेक्शन 271DB और PSS Act के सेक्शन 26 के तहत बैंक पर कार्रवाई की जा सकती है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में 1.49 अरब यूपीआई डिजिटल ट्र्रांजेक्शन हुए है। कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद डिजिटल पेमेंट एक जरूरत बन गई है।