पूर्णिया की सिधिया पंचायत के हर घर में पहुंची बिजली


 पूर्णिया।
पूर्ण अरण्य के नाम से बने पूर्णिया में श्रीनगर की सिधिया पंचायत में 12 किलोमीटर के क्षेत्र में सिधिया जंगल फैला हुआ है। आज भी इस पंचायत में यह धरोहर के रूप में है। पंचायत में हाल के पांच सालों में विकास का कार्य वृहत पैमाने पर हुआ है। कल तक भले ही इस पंचायत में समस्याएं सुरसा की भांति मुंह बाए खड़ी थीं, लेकिन हाल के वर्षों में इसकी सूरत बदली है। यहां विकास के कई काम हुए हैं। कभी कीचड़ से लथपथ रहने वाली यहां की सड़कें एवं गलियां अब चकाचक हो गई हैं। लोगों की प्यास बुझाने के लिए घर-घर शुद्ध नल का जल पहुंच रहा है। कभी इस पंचायत की साक्षरता दर तीस फीसदी हुआ करती थी जो अब बढ़कर अस्सी फीसदी से ज्यादा हो गई है। इस पंचायत में सात निश्चय व मनरेगा योजना से पंचायत के सभी वार्डों में पीसीसी ढलाई, पेवर ब्लाक सड़क सहित मिट्टी भराई का कार्य वृहत पैमाने पर हुआ है।

इस पंचायत में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विश्व बैंक के द्वारा पंचायत में जलमीनार बनाया गया है। यह जलमीनार से पंचायत के सभी घरों में पानी पहुंचाने की योजना है। पंचायत के कई हिस्सों में पेयजल की आपूर्ति शुरू भी हो गई है। जिन क्षेत्रों में बची है वहां मार्च माह तक शुरू हो जानी है।  हर घर पहुंची बिजली इस पंचायत के सभी घरों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है। बिजली की सुविधा पंचायत के सभी इलाकों में उपलब्ध होने से खासकर छात्रों को पढ़ाई में काफी सुविधा उपलब्ध हुई है। यहां छोटे-छोटे रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हुए हैं। इस पंचायत में स्ट्रीट लाइट की सुविधा तो नहीं है लेकिन कुछ स्थानों पर सोलर लाइट जरूर लगाए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवा के नाम पर पंचायत में आती हैं मात्र एक नर्स सिधिया पंचायत में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां अक्सर एक नर्स आती हैं। पंचायत के लोगों को स्वास्थ्य इन्हीं के भरोसे है। यहां एक चिकित्सक भी पदस्थापित है लेकिन शायद ही पंचायत के लोगों को चिकित्सक का दर्शन होता है। स्वास्थ्य सेवा बदहाल रहने के कारण खासकर इस पंचायत की महिलाओं को खासकर प्रसव के समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

शिक्षा की हालत में हुआ सुधार पंचायत में नौ प्राथमिक, तीन मध्य व एक उत्क्रमित उच्च विद्यालय है। जिस कारण पंचायत में साक्षरता दर बढ़ा है। उच्च विद्यालय खुलने से गांव में ही खासकर छात्राओं को उच्च शिक्षा उपलब्ध हो जा रही है पहले इसके लिए छात्राओं को दूसरे पंचायत के उच्च विद्यालयों में जाना पड़ता था। पंचायत के लोगों की राय पंचायत के बड़कू मुर्मू कहते हैं कि हाल के वर्षों में पंचायत का काफी विकास हुआ है। जहां सड़क नहीं था, वहां आज सड़क व पुल पुलिया का निर्माण हुआ है। वार्ड नंबर पांच के बौकी ऋषि कहते हैं कि पंचायत में विकास तो हुआ ही है। लेकिन योजना पर सही से काम होता तो, पंचायत बहुत आगे रहता। पंचायत में कुछ जगहों पर पुल पुलिया की जरूरत है।  कैसी हो सपनों की पंचायत

सुबोध मेहता कहते हैं कि मेरे गांव के पूर्व भाग में सड़क नहीं थी। उनका कहना है की उनके पंचायत में एक खेल का मैदान होना चाहिए ताकि यहां के फुटबाल खिलाड़ी राज्य एवं देश स्तर पर अपना नाम रौशन कर सकें। माधवनगर के चन्द्रकिशोर हेम्ब्रम कहते हैं कि लोग कुछ भी बोले पंचायत के हर गांव में जरूरत के हिसाब से पुल-पुलिया व सड़क का निर्माण व्यापक स्तर पर हुआ है। यहां लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सिघिया हाट के राजू चौधरी कहते हैं कि पंचायत में विकास का काम ठीक-ठाक हुआ है। कारी कोसी नदी पर पुल बन जाता तो, लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होती। लोगों को दस किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर प्रखंड मुख्यालय जाना नहीं पड़ता। मीरा देवी कहती है कि हमें राशनकार्ड नहीं है। और न ही मेरा बकरी शेड बना है। आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है।

आकड़ों पर एक नजर :-

कुल आबादी : 112004 कुल मतदाता : 7591

महिला मतदाता : 3734 पुरुष मतदाता : 3857

प्राथमिक विद्यालय- 9 मध्य विद्यालय : 3

उत्क्रमित उच्च विद्यालय :1

आंगनबाड़ी केंद्र : 12

अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र : 1

सामुदायिक भवन : 1

मनरेगा भवन :1

छतदार चबूतरा : 5

विवाह भवन : 1

पुस्तकालय भवन : 1

विश्व बैंक संपोषित पानी टंकी चालू : 1

विश्व बैंक संपोषित अर्धनिर्मित पानी टंकी : 3

सार्वजनिक शौचालय : 2

पंचायत में घरों में बने शौचालय : 608

मुखिया का दावा पारदर्शिता के साथ सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतार रहे हैं : मुखिया पंचायत के मुखिया गंगाराम टुड्ड का कहना है कि पंचायत के विकास के लिए सभी वार्ड सदस्य एवं पंचायत के लोगों के साथ हर वक्त प्रयासरत रहे हैं। पंचायत के लोगों को प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, पशु शेड, वृद्धा पेंशन, आंगनबाड़ी भवन, सड़क निर्माण सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलवाने का काम किया है। पंचायत में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए काम किए है। सरकारी योजनाओं को पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।