ISBT से फर्राटा भरेंगी बसें:यात्रा से पहले चुनौतियों के लिए रहें तैयार; सिक्योरिटी और फाइनेंस के साथ कई मुश्किलों का करना होगा सामना

 


अब पटना से बसों की यात्रा चुनौतियों भरी होंगी। शहर से लगभग 10 KM (किलोमीटर) दूर बैरिया ISBT से यात्रा शुरू करने से पहले कई मुश्किलों का सामना करना होगा। सेफ्टी, सिक्याेरिटी, फाइनेंस, टाइम मैनेजमेंट के साथ मानसिक परेशानियों के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक जाम रहने वाले शहर के कई इलाकों से 14 KM दूर चलकर बस पकड़ना हर किसी के लिए आसान नहीं होगा। आम जनता की इस बड़ी समस्या को लेकर भास्कर ने हर पहलू पर पड़ताल की तो कई तरह की समस्या सामने आई हैं।

शहर के प्रमुख इलाकों से जान लेते हैं दूरी

पटना का हर्ट कहे जाने वाले गांधी मैदान से ISBT की दूरी 11 KM है। पटना जंक्शन से ISBT की दूरी 10 KM है। बोरिंग रोड से ISBT की दूरी 14 KM है। पाटलिपुत्रा राजीवनगर से ISBT की दूरी 18 KM है। पटना सिटी से ISBT की दूरी 8 KM है। वहीं बेली रोड से ISBT की दूरी 15 KM है। अगर सड़क पूरी तरह से जाम मुक्त है तो राजीव नगर से ISBT जाने में गूगल के हिसाब से 40 मिनट का समय लगेगा।

गूगल भी नहीं बता पाएगा बैरिया का पता

नया बस स्टैंड बैरिया में बनाया गया है। अगर आप गूगल पर बैरिया बस स्टैंड सर्च करते हैं तो मुजफ्फरपुर का बैरिया रिजल्ट में आएगा। भास्कर ने पड़ताल में कई तरह से बैरिया बस स्टैंड को तलाशने का प्रयास किया लेकिन या तो मुजफ्फरपुर का बैरिया आया या फिर अन्य कोई लोकेशन। इसके लिए आपको ISBT बस स्टैंड ही सर्च करना होगा। अगर ISBT गूगल पर नहीं डालते हैं तो आप परेशान हो जाएंगे।

मीठापुर बस स्टैंड से रात में आने पर लगता था डर

मीठापुर बस स्टैंड से रात में बस आने वालों को शहर में पहुंचने का डर होता था। रात में 9 बजे के बाद सुरक्षा को लेकर बड़ी चुनौती होती थी। 30 नवंबर 2020 को चिरैयाटाड़ पुल पर ही एक महिला की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। लूट के इरादे से हुई इस घटना को बदमाशों ने उस समय अंजाम दिया जब महिला शिक्षक अपने बैंक कर्मी पति के साथ साइना पटना जंक्शन जा रही थी। यह घटना तो महज उदाहरण है, रात में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जो पटना में बस स्टैंड की तरफ से शहर में आने वालों की सुरक्षा पर सवाल हैं।

7 किलो मीटर NH पर करनी होगी यात्रा

शहर से निकलने के बाद कम से कम 7 KM आपको NH पर चलना होगा इसके बाद ही ISBT पहुंचेंगे। ऐसे में कई तरह की सावधानी बरतनी होगी। सुरक्षा के साथ-साथ समय का भी मैनेजमेंट करना होगा। प्रशासन की तरफ से ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिससे आपकी यात्रा शहर स आसानी से हो सके। मीठापुर बस स्टैंड से ही यात्री परेशान हो जाते थे, ISBT से समस्या तो कई गुनी बढ़ जाएगी।

ISBT से शहर में आने के दौरा सुरक्षा बड़ी चुनौती रात के समय ISBT से शहर में आने के दौरान यात्रियों को कई तरह से अलर्ट रहना होगा। परिवार के साथ सामान की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। यहां से शहर में आने के लिए अगर अपनी गाड़ी नहीं है तो फिर बस ऑटो या फिर कैब का सहारा लेना पड़ेगा। ISBT से शहर में आने के दौरान लगभग 7 किलो मीटर NH पर ही यात्रा करनी होगी ऐसे में शेफ्टी के नजरिए से पूरी तरह से हमेशा चौकन्ना रहना होगा। ISBT से शहर आने में सिक्योरिटी बड़ी चुनौती ISBT से शहर में आने के दौरान सिक्योरिटी को लेकर भी काफी अलर्ट होना होगा। रात के समय लूट खसोट की घटनाएं इस एरिया में आम होती है। NH पर पुलिस की पेट्रोलिंग नहीं के बराबर है। आए दिन इसका खुलासा होता है। मीठापुर से शहर में आने के दौरान यात्रियों के साथ घटनाएं हो जाती थीं। ISBT से शहर में आना बड़ी चुनौती हो जाएगी। जेब भी होगी अब पहले से अधिक ढीली मीठापुर बस स्टैंड से यात्रा करना थोड़ा किफायती था। यहां से शहर के किसी भी कोने से आसानी से ऑटो मिलता था और किराया भी बहुत नहीं होता था। लेकिन ISBT की दूरी तय करने में जेब काफी ढीली होगी। भास्कर ने पड़ताल के दौरान इस पहलू पर भी काम किया है। बोरिंग रोड से अगर कोई ISBT जाता है तो दिन में उसे कैब से लगभग 200 रुपए देने होंगे। शाम को अगर ओला बाइक से जाते हैं तो भी 100 रुपए से अधिक का बिल आएगा। इसके साथ ही अगर जाम में फंसे तो उसका मीटर अलग जाएगा। बोरिंग रोड से ISBT जाने के लिए कई बार साधन बदलना पड़ेगा। बोरिंग रोड से अशोक सिनेमा बुद्ध मार्ग और फिर वहां से मीठापुर के लिए साधन पकड़ना होगा। इसके बाद मीठापुर से बैरिया के लिए साधन तलाशना होगा। ऑटो पटना से सीधा बैरिया के लिए नहीं मिलते हैं। ISBT जाना है तो टाइम मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान ISBT से यात्रा शुरु करने से पहले 2 घंटे का मार्जिन लेकर चलना होगा। पटना से गया की दूरी तय करने में लगभग ढाई घंटे लगते हैं लेकिन पटना के बीच शहर से ही ISBT जाने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग जाएगा। ऐसे में बस के समय को ध्यान में रखकर अगर टाइम मैनेजमेंट नहीं करेंगे तो आपकी बस छूट जाएगी। मंगलवार से ISBT से दौड़ेंगी बसें प्रशासन को करनी चाहिए थी फीडर की व्यवस्था मेट्र्रो या अन्य प्रमुख स्थानों से फीडर की व्यवस्था की जाती है। ऐसे तब किया जाता है जब स्टैंड या स्टेशन शहर से काफी दूर हो। पटना में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बैरिया ISBT से शहर में आने वालाें के लिए अगर फीडर की व्यवस्था रहती तो यात्री आसानी से पटना जंक्शन या फिर अन्य इलाकों में पुहंच जाते। ISBT के लिए सुरक्षा और व्यवस्था का यह है दावा ISBT को लेकर प्रशासनिक तौर पर सुरक्षा और व्यवस्था के जो दावे किए जा रहे हैं वह ना काफी हैं। सुरक्षा के नाम पर ISBT पर एक नया पोस्ट बनाया जा रहा है जो रामकृष्णानगर थाना से संचालित होगा। यहां दारोगा के साथ पुलिस के जवानों को लगाया जाएगा। इसके साथ ही डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने यातायात एसपी और डीटीओ को आदेश दिया है कि वह जाम की समस्या के साथ यात्रियों के शहर तक सुरक्षित आने जाने के लिए व्यवस्था करें। डीएम का आदेश है कि ISBT से बस और ऑटो चलाए जाएं जिसका किराया तय कर पब्लिक में प्रचारित किया जाए। लेकिन इस आदेश के बाद भी सुरक्षा के साथ यात्रियाें के लिए पूरी व्यवस्था नहीं हो पाएगी। यात्रियाें को रात में सुरक्षा के लिए पुलिस की पेट्रोलिंग का कोई आदेश अब तक नहीं दिया गया है। मीठापुर शहर से सटा था तब घटनाएं होती थी, ISBT तो बहुत दूर है ऐसे में आम यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा संकट होगा।