LJP के चंदन नीतीश के पास और कामरेड कन्हैया चौधरी के घर, बिहार की सियासत में जल्द आएगा भूचाल


 मौसम के साथ बिहार की सियासत भी गर्म होने लगी है। जब से CM नीतीश कुमार दिल्ली यात्रा से लौटे हैं , तब से कुछ ज्यादा ही जोश में दिख रहे हैं। इसका असर उनके दल JDU पर भी पड़ा है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब JDU के नेता संगठन विस्तार पर फोकस कर रहे हैं। इसलिए JDU नेता लगातार दूसरे दल के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। JDU में इंट्री का दरवाजा मंत्री अशोक चौधरी के घर से खुलता है। यही वजह है कि जिस नेता को JDU में शामिल होना होता है, वे पहले अशोक चौधरी से मिलते हैं। CPI नेता और JNU छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने अशोक चौधरी से मिलकर इस बात को हवा दे दी है। हालांकि मंत्री अशोक चौधरी की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है। लेकिन जिस तरह से दूसरे दल के नेताओं से अशोक चौधरी की मुलाकात होती है और कुछ दिन के बाद वह JDU में शामिल हो जाते हैं। इस मुलाकात को भी पहले से जोड़ कर देखा जा रहा है। इससे पहले भी BSP के विधायक जमा खान ने अशोक चौधरी के माध्यम से JDU में इंट्री ली थी, आज वे मंत्री है। वहीं, LJP विधायक राजकुमार सिंह मिल चुके हैं , वो कभी भी JDU में शामिल हो सकते हैं।

CPI से अलग-थलग पड़े हुए हैं कन्हैया

पिछले दिनों CPI के राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य कन्हैया कुमार और उनके साथियों पर प्रदेश भाकपा नेताओं के साथ दुर्व्यवहार और धक्कामुक्की का आरोप लगे थे। इस मामले पर कन्हैया कुमार और उनके साथियों के खिलाफ राष्ट्रीय नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की गई थी। कन्हैया के साथियों ने प्रदेश कार्यालय सचिव इंदुभूषण वर्मा और अन्य के साथ धक्का-मुक्की की थी। हैदराबाद में हुई राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक के दौरान कन्हैया कुमार को नसीहत भी दी गई थी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें सावधानी बरतने के लिए कहा था। CPI की बैठक में 110 सदस्य मौजूद थे। इनमें से सिर्फ तीन को छोड़कर, बाकी अन्य सभी ने कन्हैया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया था। पहले भी कन्हैया CPI को 'कंफ्यूजन पार्टी ऑफ इंडिया' बता चुके हैं, तब से कन्हैया CPI में अलग थलग पड़े हुए हैं।

विकास के लिए मुलाकात

वहीं, दूसरी तरफ रविवार को LJP के नवादा सांसद चंदन सिंह ने CM से मुलाकात की। LJP सांसद के इस मुलाकात के भी कई मायने हैं। LJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान लगातार CM नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, वहीं सांसद चंदन का यह मुलाकात पार्टी में सबकुछ ठीकठाक नहीं होने का संकेत दे रहा है। हालांकि, चंदन सिंह ने इसको एक औपचारिक मुलाकात बताया है। उन्होंने कहा कि नवादा के विकास के लिए CM से मुलाकात की गई है। लेकिन, चिराग पासवान के एकला चलो अभियान से LJP के नेता बहुत साथ नहीं दे रहे हैं। इससे पहले भी चिराग के चाचा सांसद पशुपति पारस के नाराज होने की बात सामने आई थी। पशुपति पारस नीतीश कुमार का साथ नहीं छोड़ना चाहते थे और JDU के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन चिराग की जिद की वजह से NDA से अलग होकर चुनाव लड़ना पड़ा, जिसका परिणाम यह हुआ कि पार्टी एक सीट पर सिमट गई ।