ऑनलाइन ठगी को रोकने बनेगा पुलिस और बैंक अफसरों का ग्रुप, तुरंत मिलेगी जानकारी


 बैंकों में साइबर धोखाधड़ी को लेकर बैनर, पोस्टर लगेंगे, ग्राहकों को पंपलेट भी बांट करेंगे सतर्क

राजधानी में ऑनलाइन फर्जीवाड़ा और बैंकों में धोखाधड़ी के लगातार बढ़ते मामलों को रोकने के लिए पुलिस और बैंक दोनों अलर्ट हो गए हैं। मंगलवार को बैंक और पुलिस के अफसर एक साथ जुटे। पुलिस ने बैंक अधिकारियों को साइबर ठगी रोकने और बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। तय हुआ कि पुलिस और बैंक अफसरों का ग्रुप बनाया जाए। ताकि ठगी होने पर पुलिस को बैंकों से तत्काल जानकारी मिल सके। आमतौर पर बैंकों से जानकारी मिलने में देर की वजह से जांच प्रभावित होती है। बैंकों को साइबर ठगी रोकने के लिए एक नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा गया। इससे ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल कार्रवाई हो सकेगी। बैंक अफसरों ने भरोसा दिया कि तमाम योजनाओं पर तुरंत काम शुरू हो जाएगा। बैंकों से किसी भी तरह की ठगी को रोकने का पुलिस के आला अफसरों ने बैंक मैनेजरों को तौर तरीका बताया। उन्होंने बैंक अफसरों से दो टूक कहा कि ऑनलाइन ठगी के बाद किसी भी तरह की जानकारी मांगी जाती है तो उसे तुरंत उपलब्ध कराएं। इसमें देर होने पर ठग पुलिस की गिरफ्त से दूर हो जाते हैं। साइबर ठगी को रोकने के लिए बैंकों में अलर्ट सिस्टम हमेशा होना चाहिए। बैंकों के सीसीटीवी कैमरे कभी बंद नहीं हों। बैंक में कोई भी संदिग्ध दिखे तो उसकी सूचना पुलिस को दें। अधिकतर बैंकों में ऐसी शिकायतें आती हैं कि बैंकों में लगे हाईटेक उपकरण काम नहीं करते हैं। कैमरों की क्वालिटी अच्छी हो ताकि ठगों के चेहरे पहचाने जा सके। कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है तो उसे बैंक से उसके खाते और जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, इसकी जानकारी समय पर दी जाए। इससे पीड़ितों का सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा। कई बार बैंकों की ओर से समय तरह की जानकारी समय पर नहीं दी जाती है। नतीजा मामला उलझता चला जाता है। 

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, सीएसपी नसर सिद्धकी, राहुल देव शर्मा, प्रभारी साइबर सेल रमाकांत साहू समेत विभिन्न बैंकों के बैंक मैनेजर और कर्मचारी शामिल हुए। अब ये काम होंगे बैंक और पुलिसकर्मियों का एक वाट्सएप ग्रुप बनेगा, जिसमें ऑनलाइन ठगी के संबंध में कोई भी जानकारी आपस में शेयर हो सके।

 बैंक प्रबंधन इस काम के लिए विशेष अफसर यानी नोडल अधिकारी की नियुक्ति करेगा। वे जांच में पुलिस को सहयोग करेंगे।