इस बच्ची के लिए दूध की एक बूंद भी है जानलेवा, देवेंद्र फडणवीस की अपील पर PM मोदी ने माफ किया 6 करोड़ का टैक्स

 


मुंबई के एक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही 5 महीने की तीरा कामत की मदद के लिए केंद्र सरकार आगे आई है। पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस की पीएम मोदी के नाम लिखी चिट्ठी के बाद उसके इलाज के लिए विदेश से आने वाले इंजेक्शनों को टैक्स फ्री कर दिया गया है। 'SMA Type 1' नाम की एक खास बिमारी से जूझ रही तीरा का इलाज मुंबई के एक अस्पताल में चल रहा है। उसके इलाज के लिए अमेरिका से 16 करोड़ रुपए का जोलगेंसमा नाम का एक इंजेक्शन आने वाला है और इस पर 6.5 करोड़ रुपए का टैक्स लग रहा था, जिसे अब छूट दे दी गई है। डॉक्टर्स के मुताबिक, इस बिमारी में बच्ची की लाइफ सिर्फ 18 महीने हो सकती है, इसी वजह से अमेरिका से लाया गया इंजेक्शन काफी जरूरी था।


फडणवीस ने पीएम से यह की थी अपील

 फडणवीस ने अपने पत्र में अपील की थी कि बाहर से आने वाले इंजेक्शन में टैक्स की छूट दी जाए ताकि बच्ची का इलाज हो सके। जिसपर पीएमओ की ओर से एक्शन लिया गया और टैक्स में छूट दे दी गई। इसकी जानकारी भी देवेंद्र फडणवीस की ओर से सोशल मीडिया में दी गई है।

क्या है SMA टाइप 1 बिमारी?

 दरअसल इंसानों के शरीर में एक जीन होता है, जो प्रोटीन बनाता है और इससे मांसपेशियां और तंत्रिकाएं(Nerves) जीवित रहती हैं। इस स्थिति में तीरा के शरीर में यह जीन मौजूद नहीं था। इस वजह से उनका शरीर प्रोटीन नहीं बना पा रहा था। इसके चलते तीरा के शरीर की तंत्रिकाएं निर्जीव होने लगी थीं। दिमाग की मांसपेशियां भी कम सक्रिय हो रही थीं और वह निर्जीव होती जा रही थीं।

सांस लेने से लेकर भोजन चबाने तक, मस्तिष्क की मांसपेशियों से संचालित होता है। तीरा के शरीर में यह सब नहीं हो रहा था। ऐसी स्थिति को SMA यानी स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉपी कहते हैं। यह कई प्रकार का होता है और इसमें टाइप 1 सबसे गंभीर होता है।

मां का दूध बन गया था जहर तीरा के पिता मिहिर कामत ने बताया कि जन्म के बाद तीरा घर आ गई और सब कुछ ठीक था। लेकिन जल्दी ही स्थिति बदलने लगी। मां का दूध पीते वक्त तीरा का दम घुटने लगता था। शरीर में पानी की कमी होने लगती थी। एक बार तो कुछ सेकेंड के लिए उसकी सांस थम गई थी। पोलियो वैक्सीन पिलाने के दौरान भी उसकी सांसे रुक जाती थी। डॉक्टरों की सलाह पर बच्ची को न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाया गया और फिर जांच में सामने आया कि तीरा 'SMA TYPE 1' से पीड़ित है।

क्राउडफंडिंग से जमा किए 16 करोड़ रुपए

 13 जनवरी को तीरा को एसआरसीसी अस्पताल में एडमिट करवाया गया था। तीरा के एक फेफड़े ने काम करना बंद कर दिया था, इसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। मिहिर एक आईटी सर्विस कंपनी में काम करते हैं जबकि तीरा की मां प्रियंका एक फ्रीलांस इलेस्ट्रेटर हैं। तीरा के इलाज के लिए क्राउडफंडिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। पति-पत्नी ने सोशल मीडिया में एक पेज बनाया है और लोग लगातार उसपर मदद के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक 16 करोड़ के करीब जमा हो चुके हैं और माना जा रहा है कि केंद्र द्वारा टैक्स माफ़ करने के बाद अब जल्द इंजेक्शन भारत आ जाएगा।