Madan Sahni News : सीएम आवास में सीना तान कर घुसे और मुंह छिपाकर निकले, मंत्री मदन सहनी की हेकड़ी गुम होने का राज क्या?

Bihar News : बिहार के जो मंत्री कल तक इस्तीफे की धमकी दे रहे थे, अपने साथी मंत्री को दलाल तक बता रहे थे... आज उनकी सारी हेकड़ी गुम हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश के आवा


पटना: एक मंत्री पूरे सिस्टम पर सवाल उठाता है। ट्रांसफर-पोस्टिंग के महीने में अफसरशाही पर सवाल उठाता है, इस्तीफे की पेशकश करता है। अपनी ही कैबिनेट के एक मंत्री को दलाल तक बता देता है। इसके बाद सीना तानकर सीएम हाउस में घुसता है और फिर पिछले दरवाजे से मुंह छिपाकर निकल लेता है। लेकिन एक फिल्मी डॉयलॉग है कि 'जिसके घर शीशे के होते हैं वो दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंका करते।' जानिए कल क्या हुआ बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी प्रकरण में।

सीएम हाउस में घुसने के बाद सारे तेवर गायब मंगलवार को राज्य के समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके सरकारी आवास पर मिलने पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक साथ में इस्तीफे की चिट्ठी ले गए थे। इसके थोड़ी ही देर बाद समाज कल्याण विभाग के ही प्रधान सचिव अतुल प्रसाद भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। माना जा रहा है कि मंत्री की शिकायत के बाद अतुल प्रसाद से उनका पक्ष जानने के लिए बुलाया गया था।

पिछले दरवाजे से चुपके से निकल लिए सहनी दरभंगा के बहादुरपुर से जेडीयू विधायक और मंत्री मदन सहनी इसके बाद सीएम आवास यानि एक अणे मार्ग के पिछले दरवाजे से निकल लिए। वो भी छिप-छिपाकर ताकि मीडिया को भनक न लगे। मंत्री मदन सहनी की सीएम से मुलाकात पर टिप्पणी के लिए उन्हें फोन भी किया गया लेकिन वो बंद था।

मंत्री की सारी हेकड़ी निकली! अंदरखाने हो रही चर्चा पर भरोसा करें तो कहा जा रहा है कि CM नीतीश कुमार और समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव के सामने मंत्री मदन सहनी की सारी हेकड़ी ही गुम हो गई। CM ने पूरी बात की जानकारी ली और उन्हें अपने काम पर ध्यान देने को कहा।

पहले भी अफसर से हुआ था विवाद ये कोई पहला मामला नहीं है कि मदन सहनी का अधिकारियों से विवाद हुआ है। पिछली सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री रहते हुए भी अधिकारी से ठन गई थी। तत्कालीन सचिव पंकज कुमार से काफी दिनों तक विवाद चला था। आखिरकार मदन सहनी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया था। जिसमें उन्होंने पंकज कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। बाद नीतीश कुमार ने सचिव पंकज कुमार को हटा दिया था।

लेकिन इस बार दांव पड़ गया उल्टा इस बार तो मदन सहनी दो-दो पावरफुल अधिकारियों से टकरा गए। जिनमें अतुल प्रसाद और चंचल कुमार शामिल हैं। माना जा रहा है कि समाज कल्याण विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर मंत्री मदन सहनी और प्रधान सचिव के बीच विवाद हुआ था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी ने नियमों को ताक पर रख कर ट्रांसफर करने की कवायद शुरू की थी, लेकिन प्रधान सचिव ने नियमों के खिलाफ जाकर ट्रांसफर करने से इंकार कर दिया था।

लौट के बुद्धु घर को आए! जिस अफसर के खिलाफ मदन सहनी ने इतनी लंबी चौड़ी इस्तीफे वाली भूमिका बांधी वो तो अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं और मदन सहनी भी अपने स्टैंड से पलटी मार गए हैं। अब वो इस्तीफा नहीं दे रहे। लेकिन सवाल ये उठता है कि अगर मंत्रियों की सरकार में वाकई कोई वैल्यू नहीं है जैसा मदन सहनी ने कहा तो फिर वो खुद पीछे क्यों हट गए। वैसे बिहार में एक कहावत भी है 'चलनी दूसे सूप के, तोरा में बहत्तर छेद'। बाकी समझ लीजिए...